दक्षिण कोरिया में पहली तिमाही में इको-फ्रेंडली कारों की बिक्री एक लाख के पार, भारत में भी बढ़ी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री
सोल। हाइब्रिड वाहनों की मांग बढ़ने से साल की पहली तिमाही में दक्षिण कोरिया में इको-फ्रेंडली कारों की बिक्री एक लाख इकाई को पार कर गई। उद्योग द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है। यह बात भी सच है कि भारत में भी इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ गई है।
आंकड़ों के अनुसार, हुंडई मोटर्स और किआ समेत पांच दक्षिण कोरियाई कार निर्माता कंपनियों ने जनवरी-मार्च की अवधि में कुल 1,01,727 इको-फ्रेंडली कारें बेचीं। यह पिछले साल इसी अवधि में बेची गई कारों की तुलना में 8.7 प्रतिशत अधिक है।
योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि इनमें से 85,828 इकाई यानि 84.4 प्रतिशत हाइब्रिड कारें थीं। इनकी बिक्री एक साल पहले के मुकाबले 42.4 प्रतिशत बढ़ी है।
हालांकि तिमाही के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री साल-दर-साल आधार पर 51.4 प्रतिशत घटकर 15,237 इकाई रह गई।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में 90 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बिकीं. वहीं, इससे पिछले वित्त वर्ष में करीब 47 हजार इलेक्ट्रिक कारें ही बिकी थीं. यानी एक साल में इनकी बिक्री 90 फीसदी बढ़ गई. 2023 में टाटा मोटर्स ने सबसे ज्यादा 64 हजार इलेक्ट्रिक कारें बेचीं।
ईवी की बिक्री में वैश्विक स्तर पर भी सुस्ती देखी गई है।
यहां तक कि एलन मस्क ने भी कहा है कि पूरी दुनिया में ईवी को अपनाने की दर "दबाव में" है और कई दूसरी वाहन निर्माता कंपनियां "ईवी से पैर खींचकर प्लग-इन हाइब्रिड की तरफ बढ़ रही हैं"।
पहली तिमाही में किआ का सोरेंटो 19,729 इकाई की बिक्री के साथ सबसे ज्यादा बिकने वाला हाइब्रिड मॉडल रहा। इसके बाद हुंडई के सैंटा फी हाइब्रिड (15,981 इकाई) और किआ के कार्निवल हाइब्रिड (12,203 इकाई) का स्थान रहा।
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