आॅटो इंडस्ट्री के लिए कैसा रहा 2016, डालिए एक नज़र ...
नोटबंदी ने गिराई ग्रोथ व बिक्री
8 नवम्बर से बंद हुए 500 व 1000 के नोटों ने आॅटो सेक्टर को औधें मुंह लाकर पटका। सेल 80 प्रतिशत की गिरावट पर आ पहुंची। चार पहिया वाहन हो या दोपहिया, दोनों के शोरूम आज खाली पड़े हैं। शायद यह पहला मौका हो जब शादी के सावों के समय आॅटो सेगमेंट में गिरावट दर्ज हुई हो। फिलहाल स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है लेकिन उबरने में थोड़ा समय और लगने वाला है। हालांकि फेसटिवल सीज़न में स्थिति कंट्रोल में रही। एक खबर के अनुसार हर बुधवार को जयपुर जैसे शहर में 9,000 से ज्यादा बाइक व कार की बिक्री होती है। सावों में यह आंकड़ों 10 गुना तक बढ़ जाता है, लेकिन इस बार हुआ उलटा। यह आंकड़ा 900 को भी पार नहीं कर सका। कमाई के सीज़न के समय यह आॅटो इंडस्ट्री के लिए एक दुस्पन की तरह होगा। अगर यह स्थिति लंबे समय तक चली तो आॅटो इंडस्ट्री को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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