सावधान… घर पर कार न धोएं, बाजार में धुलवाने से रहती हैं बेहतर
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आजकल कार हर घर में होती है। कार को चमकदार रखने के लिए हर कोई प्रतिदिन सफाई करता है। लेकिन सावधान घर पर कार धोने से लाखों रुपये से खरीदी गाड़ी में नुकसान हो सकता है। ये हम नहीं कह रहे कार के विशेषज्ञ इस बारे में बता रहे हैं। इसके लिए समय-समय पर सर्विस, मेंटेनेंस और सफाई बेहद जरूरी होती है। हालांकि, पैसे बचाने के चक्कर में कई लोग अपनी कार को खुद घर पर धोना बेहतर समझते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन गलत तरीके और घरेलू नुस्खों के इस्तेमाल से आपकी कार को ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई बाद में महंगी पड़ जाती है। हम यहां पर विस्तार में बता रहे हैं कि घर पर कार धोते समय कौन-सी आम गलतियां कार की सेहत बिगाड़ती हैं, घरेलू तरीकों से क्या नुकसान होता है और सही तरीका क्या है, ताकि आपकी कार की शाइन और वैल्यू दोनों बनी रहे। घर पर कार धोने से होने वाले बड़े नुकसान डिशवॉश लिक्विड या डिटर्जेंट से पेंट की बर्बादी: अक्सर लोग बर्तन धोने वाले साबुन, शैम्पू या कपड़े धोने के डिटर्जेंट से कार धो लेते हैं। ये केमिकल्स कार पेंट के लिए बने ही नहीं होते हैं। कार की क्लियर कोट लेयर धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। पेंट फीका पड़ने लगता है और चमक गायब हो जाती है। शुरुआत में फर्क नहीं दिखता, लेकिन कुछ महीनों में कार पुरानी लगने लगती है। नींबू, बेकिंग सोडा और विनेगर: कई लोग इंटरनेट या देसी सलाह के भरोसे नींबू, बेकिंग सोडा, सिरका (विनेगर) जैसी चीजें गाड़ी धुलने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इनकी वजह से एसिडिक और एब्रेसिव तत्व पेंट को खुरच देते हैं। इससे माइक्रो स्क्रैच बनते हैं, जो बाद में साफ दिखने लगते हैं। इनकी वजह से मेटल पार्ट्स पर जंग लगने का खतरा बढ़ता है। ये नुस्खे तुरंत सफाई तो कर देते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में कार की उम्र घटा देते हैं। पुराने कपड़े और तौलिए से स्क्रैच: पुरानी टी-शर्ट, बेडशीट या टॉवल से कार पोंछना बहुत आम है। बहुत से लोग घर पर कार धुलने के बाद पानी को साफ करने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। पुराने कपड़ों में फंसी धूल रेत की तरह काम करती है। कार बॉडी पर स्वर्ल मार्क्स और स्क्रैच बन जाते हैं। काली या डार्क कलर कारों पर ये जल्दी दिखते हैं। इससे कार साफ तो लगती है, लेकिन पास से देखने पर पेंट खराब दिखने लगता है। धूप या तेज गर्मी में कार धोना: कई लोग सुबह या दोपहर की तेज धूप में ही कार धो देते हैं या धोने के बाद धूप में सुखा देते हैं। इसकी वजह से पानी के दाग जम जाते हैं। पेंट की नेचुरल शाइन कम हो जाती है। साथ ही प्लास्टिक और रबर पार्ट जल्दी सख्त होने लगते हैं। बार-बार ऐसा करने से कार समय से पहले पुरानी दिखने लगती है। गलत क्रम में कार धोना: ज्यादातर लोग ऊपर से कार धोना शुरू करते हैं और नीचे की गंदगी बाद में साफ करते हैं। ऐसा करने से नीचे की मिट्टी और ग्रीस ऊपर फैल जाती है। इसके साथ ही पेंट पर ज्यादा खरोंच पड़ती है और कार सही से साफ नहीं हो पाती है। कार धोने का सही तरीका सही क्रम अपनाएं: पहले टायर और नीचे का हिस्सा धोएं। यहां पर सबसे ज्यादा गंदगी होती है। फिर बॉडी और छत की सफाई करें। सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल: केवल कार वॉश शैम्पू या क्लीनर का ही इस्तेमाल करें। इसके लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा या स्पॉन्ज का इस्तेमाल करें। सही जगह और समय चुनें: आपको छांव में या शेड के नीचे कार धोना चाहिए। सुबह जल्दी या शाम का समय सबसे बेहतर होता है।


































