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कार खरीदने की सोच रहे हैं, जानें क्यों सफेद रंग सबसे समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है

कार खरीदने की सोच रहे हैं, जानें क्यों सफेद रंग सबसे समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है

भारत जैसे देश में जब कोई नई कार खरीदने का मन बनाता है तो सबसे पहले ईंधन का प्रकार, फीचर्स और बजट पर चर्चा होती है। लेकिन जैसे ही बात कार के रंग तक पहुंचती है, यह फैसला अक्सर परिवार और दोस्तों की राय पर टिका होता है। बाजार में ढेरों विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में सही रंग चुनना मुश्किल हो सकता है। मगर विशेषज्ञों और आंकड़ों के अनुसार सफेद रंग अब भी सबसे व्यावहारिक और फायदेमंद विकल्प माना जाता है। गर्मियों में राहत जैसे हल्के रंग के कपड़े धूप में शरीर को ठंडा रखते हैं, वैसे ही सफेद रंग की कारें काली या गहरे रंगों की तुलना में ज्यादा धूप और गर्मी को परावर्तित करती हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि तेज धूप में सिर्फ एक घंटे खड़ी रहने के बाद काली कार का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, सिल्वर कार 63 डिग्री पर रहती है, जबकि सफेद कार का तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस रहता है। भारत की चिलचिलाती गर्मियों में यह फर्क बहुत मायने रखता है। कम गर्मी का मतलब है एसी का कम इस्तेमाल और ईंधन की बचत। लंबे समय तक चमक बरकरार गहरे रंगों की कारें, खासकर लाल और काली, लगातार धूप में रहने से जल्दी फीकी पड़ जाती हैं और उन पर धब्बे भी साफ नजर आते हैं। इसके उलट सफेद कारें उम्र के साथ भी अपना रंग अपेक्षाकृत बेहतर बनाए रखती हैं। अगर पेंट फीका भी पड़े तो दूर से इसका फर्क कम दिखाई देता है। इसी तरह, सफेद कार पर छोटे खरोंच भी ज्यादा नजर नहीं आते, जिससे उसे संभालना आसान हो जाता है। कम मेंटेनेंस खर्च सफेद कारों की रिपेंटिंग यानी दोबारा पेंट करवाना अन्य रंगों की तुलना में आसान और सस्ता होता है क्योंकि यह रंग बाजार में सबसे आसानी से उपलब्ध है। खास रंग या कस्टम शेड्स महंगे पड़ते हैं और उन्हें ठीक से मिलाना भी मुश्किल होता है। वहीं सफेद रंग सबसे सस्ता और झंझट-मुक्त विकल्प साबित होता है। बेहतर रीसेल वैल्यू सफेद कारों की मांग सेकेंड-हैंड बाजार में सबसे ज्यादा रहती है। BASF कलर रिपोर्ट 2024 के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में बिकने वाली करीब 49 प्रतिशत कारें सफेद रंग की थीं, जबकि सिर्फ 18 प्रतिशत कारें काले रंग की थीं। भारत में तो हर 10 में से 7 कारें सफेद रंग की ही हैं। यही वजह है कि सफेद कार बेचते समय खरीदार आसानी से मिल जाते हैं और बेहतर दाम भी हासिल होता है। अंतिम फैसला सफेद रंग न केवल कार को ठंडा और आरामदायक बनाए रखता है बल्कि टिकाऊ और मनी-वर्थ विकल्प भी साबित होता है। हालांकि जो लोग भीड़ से अलग दिखना चाहते हैं, वे गहरे या अलग रंग चुन सकते हैं। ठंडी जगहों में रहने वाले या जिनके पास शेडेड पार्किंग है, उनके लिए बोल्ड रंग भी आकर्षक विकल्प हो सकते हैं। लेकिन भारत जैसे गर्म और रीसेल पर आधारित बाजार में सफेद कार न सिर्फ सुरक्षित विकल्प है बल्कि सबसे समझदारी भरा चुनाव भी है।

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