Car-Bike Care Tips: इन 4 गलतियों से सीज हो सकता है गाड़ी का इंजन, मरम्मत में लग सकते हैं हजारों रुपये
कार या बाइक का इंजन वाहन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसकी सही देखभाल नहीं की जाए, तो छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी तकनीकी खराबी का कारण बन सकती है। कई बार इंजन के अंदरूनी पुर्जों को पर्याप्त चिकनाई नहीं मिलती या इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है। इससे गंभीर नुकसान हो सकता है और कुछ स्थितियों में इंजन पूरी तरह जाम भी हो सकता है। इस स्थिति को इंजन सीज (Engine Seize) कहा जाता है। इसकी मरम्मत में काफी खर्च आ सकता है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इंजन को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
1. इंजन ऑयल की अनदेखी पड़ सकती है भारी
इंजन ऑयल इंजन के अंदरूनी पुर्जों के बीच घर्षण कम करता है और उन्हें सुचारु रूप से काम करने में मदद करता है। यदि ऑयल का स्तर निर्धारित सीमा से नीचे चला जाए या लंबे समय तक इसे न बदला जाए, तो इंजन के पुर्जों को नुकसान पहुंच सकता है। पर्याप्त चिकनाई नहीं मिलने पर घर्षण और तापमान बढ़ने से इंजन जाम होने की आशंका रहती है।
बचाव का तरीका: वाहन निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार इंजन ऑयल बदलवाएं। नियमित रूप से ऑयल लेवल की जांच करें और कहीं से रिसाव होने पर तुरंत ठीक कराएं।
2. कूलेंट खत्म होने से बढ़ सकता है इंजन का तापमान
इंजन को सुरक्षित तापमान पर बनाए रखने में कूलिंग सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कूलेंट कम होने, रेडिएटर या पाइप में लीकेज होने अथवा कूलिंग सिस्टम में खराबी आने से इंजन ओवरहीट हो सकता है। इसके बावजूद गाड़ी चलाते रहने से इंजन के अंदरूनी हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बचाव का तरीका: कूलेंट लेवल की समय-समय पर जांच करें। यदि तापमान की चेतावनी दिखाई दे, तो सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोक दें और इंजन को ठंडा होने दें। गर्म इंजन का रेडिएटर कैप कभी न खोलें। समस्या बनी रहने पर मैकेनिक की सहायता लें।
3. पानी भरी सड़क पर हो सकती है हाइड्रो-लॉकिंग
बारिश के दौरान गहरे पानी में वाहन चलाना इंजन के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यदि पानी एयर इनटेक के रास्ते इंजन के सिलिंडर में पहुंच जाए, तो पिस्टन उसे सामान्य हवा की तरह संपीड़ित नहीं कर पाता। इस स्थिति को हाइड्रो-लॉकिंग कहा जाता है। इससे इंजन के अंदरूनी पुर्जों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बचाव का तरीका: पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना वाहन को उसमें न उतारें। यदि पानी में चलते समय इंजन अचानक बंद हो जाए, तो दोबारा सेल्फ या स्टार्ट बटन न दबाएं। वाहन को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सहायता लें और मैकेनिक से जांच करवाएं।
4. खराब ईंधन और समय पर सर्विस न कराना
मिलावटी या दूषित पेट्रोल-डीजल से फ्यूल सिस्टम प्रभावित हो सकता है। इससे इंजेक्टर और इंजन की कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, केवल खराब ईंधन ही इंजन सीज होने का सामान्य या एकमात्र कारण नहीं है। समय पर सर्विस नहीं कराने और छोटी तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज करने से भी बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
बचाव का तरीका: विश्वसनीय पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं और निर्धारित समय पर वाहन की सर्विस कराएं। ऑयल, कूलेंट, पाइप और अन्य जरूरी हिस्सों में लीकेज या खराबी दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाएं।
इंजन की सुरक्षा के लिए अपनाएं ये आदतें
इंजन ऑयल और कूलेंट का स्तर नियमित रूप से जांचें।
डैशबोर्ड पर मिलने वाली चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
गहरे पानी में वाहन चलाने से बचें।
इंजन से असामान्य आवाज, धुआं या अत्यधिक गर्मी महसूस होने पर जांच करवाएं।
वाहन निर्माता की सर्विस और मेंटेनेंस गाइडलाइन का पालन करें।
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