दिवाली पर पटाखों से कार-बाइक को हुआ नुकसान तो मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? जानें पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
दीपावली पर आतिशबाजी और पटाखों का उत्साह कई बार वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। पटाखों की चिंगारी से खड़ी कार या बाइक का पेंट जल सकता है, रॉकेट गिरने से शीशे टूट सकते हैं या आग लगने से वाहन के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी करेगी? इसका जवाब आपकी वाहन बीमा पॉलिसी पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि पटाखों से वाहन को नुकसान होने पर इंश्योरेंस क्लेम कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में मिल सकता है क्लेम
अगर आपकी कार या बाइक पर कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस यानी पैकेज पॉलिसी है, तो पटाखों और आतिशबाजी से हुए नुकसान पर क्लेम मिल सकता है। इस पॉलिसी में आग, विस्फोट और अन्य बाहरी कारणों से वाहन को होने वाले नुकसान के लिए ओन डैमेज कवर शामिल होता है।
हालांकि, क्लेम की मंजूरी बीमा पॉलिसी की शर्तों, नुकसान की प्रकृति और सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर दी जाती है।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में नहीं मिलेगा लाभ
अगर आपके वाहन पर केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, तो पटाखों से अपने वाहन को हुए नुकसान की भरपाई नहीं मिलेगी। थर्ड पार्टी पॉलिसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान की कानूनी देनदारी कवर करती है। अपने वाहन की मरम्मत का खर्च पाने के लिए ओन डैमेज कवर जरूरी है।
पटाखों से किन नुकसानों पर कर सकते हैं क्लेम?
कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी होने पर आमतौर पर इन स्थितियों में क्लेम किया जा सकता है:
- पटाखों की चिंगारी से कार या बाइक का पेंट जल जाना।
- आतिशबाजी के कारण वाहन में आग लगना।
- रॉकेट या अन्य पटाखे गिरने से शीशे टूटना।
- आग से वाहन की बॉडी और अन्य पार्ट्स को नुकसान पहुंचना।
- पटाखों के विस्फोट से वाहन के बाहरी हिस्सों को क्षति पहुंचना।'
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वाहन पर पटाखा फेंककर नुकसान पहुंचाता है, तो यह दुर्भावनापूर्ण गतिविधि के दायरे में भी आ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस शिकायत और अन्य साक्ष्य उपयोगी हो सकते हैं।
नुकसान होने पर तुरंत उठाएं ये कदम
1. फोटो और वीडियो बनाएं: सबसे पहले अपनी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके बाद वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों की फोटो और वीडियो बना लें। आसपास सीसीटीवी कैमरे या प्रत्यक्षदर्शी हों तो उनकी जानकारी भी सुरक्षित रखें।
2. इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दें: घटना के तुरंत बाद बीमा कंपनी की हेल्पलाइन, वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से क्लेम की सूचना दें। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, पॉलिसी नंबर और घटना की जानकारी उपलब्ध कराएं। क्लेम रेफरेंस नंबर जरूर संभालकर रखें।
इंश्योरेंस क्लेम करने के 6 स्टेप
1. क्लेम रजिस्टर कराएं: बीमा कंपनी को घटना की जानकारी देकर क्लेम दर्ज कराएं और क्लेम नंबर प्राप्त करें।
2. पुलिस में शिकायत करें: यदि वाहन में बड़ी आग लगी है या किसी ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है, तो जरूरत के अनुसार पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग को भी सूचना दें।
3. सर्वेयर से जांच कराएं: बीमा कंपनी जरूरत के अनुसार सर्वेयर नियुक्त करेगी। वह वाहन का निरीक्षण कर नुकसान और मरम्मत की अनुमानित लागत का आकलन करेगा।
4. रिपेयर एस्टीमेट जमा करें: अधिकृत या नेटवर्क गैराज से मरम्मत का अनुमान तैयार करवाकर बीमा कंपनी या सर्वेयर को दें।
5. क्लेम की मंजूरी लें: सर्वेयर की रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद बीमा कंपनी क्लेम पर फैसला करेगी।
6. मरम्मत का भुगतान प्राप्त करें: कैशलेस क्लेम में स्वीकृत राशि सीधे नेटवर्क गैराज को दी जाती है। रिम्बर्समेंट क्लेम में पहले वाहन मालिक को मरम्मत का भुगतान करना होता है, जिसके बाद मंजूर राशि वापस मिलती है।
क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज
इंश्योरेंस क्लेम करते समय इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
- वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी।
- भरा हुआ क्लेम फॉर्म।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)।
- जरूरत के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस।
- क्षतिग्रस्त वाहन की फोटो और वीडियो।
- गैराज से प्राप्त रिपेयर एस्टीमेट।
- जरूरत पड़ने पर पुलिस की FIR या दमकल विभाग की रिपोर्ट।
- रिम्बर्समेंट क्लेम के लिए मरम्मत का बिल और भुगतान की रसीद।
ध्यान रखें: बीमा कंपनी की अनुमति और सर्वेयर के निरीक्षण से पहले वाहन की मरम्मत शुरू न कराएं, सिवाय ऐसी आपात स्थिति के जिसमें सुरक्षा या आगे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी हो। पॉलिसी में निर्धारित डिडक्टिबल, डेप्रिसिएशन और अन्य शर्तों के कारण क्लेम की पूरी मरम्मत राशि मिलना जरूरी नहीं है।
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