Car Insurance Add-ons: ये 5 एड-ऑन बचा सकते हैं हजारों रुपये, क्लेम के समय नहीं होगी जेब ढीली
देखिए, बेसिक इंश्योरेंस हमेशा हर नुकसान को कवर नहीं करता। कई बार डेप्रिशिएशन, इंजन डैमेज, टोइंग चार्ज या मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे पार्ट्स का खर्च ग्राहक को खुद देना पड़ता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स जरूरत और उपयोग के हिसाब से सही Add-ons चुनने की सलाह देते हैं। थोड़ा अतिरिक्त प्रीमियम भविष्य में बड़ी बचत करा सकता है।
जीरो डेप्रिसिएशन कवर
यह सबसे जरूरी और उपयोगी एड-ऑन माना जाता है। सामान्य क्लेम में इंश्योरेंस कंपनी वाहन के पार्ट्स की उम्र के आधार पर डेप्रिशिएशन काट देती है। लेकिन जीरो डेप्रिसिएशन कवर लेने पर पार्ट्स की पूरी कीमत का लाभ मिलता है और कटौती नहीं होती। खासकर 5 साल से कम पुरानी कारों के लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है।
रोडसाइड असिस्टेंस
अगर रास्ते में कार खराब हो जाए, बैटरी डिस्चार्ज हो जाए, टायर पंक्चर हो जाए या ईंधन खत्म हो जाए, तो रोडसाइड असिस्टेंस मददगार साबित होती है। इसमें 24×7 टोइंग, टायर बदलने, जंप स्टार्ट, फ्यूल डिलीवरी और लॉकआउट जैसी सेवाएं मिलती हैं। हाईवे या लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए यह बेहद उपयोगी Add-on है।
इंजन प्रोटेक्शन कवर
इंजन किसी भी कार का सबसे महंगा हिस्सा होता है। पानी भरने, ऑयल लीकेज या हाइड्रोस्टेटिक लॉक जैसी परिस्थितियों में सामान्य इंश्योरेंस अक्सर कवर नहीं देता।
इंजन प्रोटेक्शन कवर इंजन, गियरबॉक्स और उससे जुड़े जरूरी पार्ट्स की मरम्मत या रिप्लेसमेंट का खर्च कवर करने में मदद करता है। बाढ़ या खराब सड़कों वाले इलाकों में रहने वालों के लिए यह विशेष रूप से लाभदायक है।
रिटर्न टू इनवॉइस कवर
जैसे मान लीजिए अगर आपकी कार चोरी हो जाए या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाए (Total Loss), तो सामान्य पॉलिसी वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार भुगतान करती है, लेकिन रिटर्न टू इनवॉइस कवर के साथ ग्राहक को वाहन की मूल ऑन-रोड इनवॉइस वैल्यू तक का लाभ मिल सकता है, जिसमें रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं। नई कार खरीदने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।
कंज्यूमेबल्स कवर
एक्सीडेंट के बाद मरम्मत के दौरान इंजन ऑयल, ग्रीस, बोल्ट, नट, वॉशर और अन्य कंज्यूमेबल्स का खर्च सामान्य इंश्योरेंस में शामिल नहीं होता। ऐसे में कंज्यूमेबल्स कवर इन अतिरिक्त खर्चों को कवर करता है, जिससे क्लेम के समय जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत कम पड़ती है।


































