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ग्रीनप्लाई ने ग्रीनलाइन के साथ की साझेदारी, एलएनजी ट्रकों से माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा

ग्रीनप्लाई ने ग्रीनलाइन के साथ की साझेदारी, एलएनजी ट्रकों से माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारत के भारी ट्रकिंग क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में काम करने वाली ग्रीन लॉजिस्टिक्स कंपनी ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत ग्रीनप्लाई अपने आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स परिचालन में एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से संचालित ट्रकों को शामिल करेगी। इस साझेदारी की औपचारिक शुरुआत ग्रीनप्लाई के वडोदरा स्थित विनिर्माण संयंत्र से ग्रीनलाइन के एलएनजी ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ हुई। कंपनी के मुताबिक, यह अधिक टिकाऊ और कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वडोदरा संयंत्र से शुरू हुआ संचालन साझेदारी के तहत ग्रीनप्लाई अपने वडोदरा संयंत्र से वितरण नेटवर्क के विभिन्न गंतव्यों तक उत्पाद पहुंचाने के लिए ग्रीनलाइन के ग्रीन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी। इससे कंपनी के माल ढुलाई परिचालन में वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन को शामिल करने में मदद मिलेगी। कंपनी का कहना है कि इस पहल के जरिए उसकी सस्टेनेबिलिटी रणनीति का दायरा विनिर्माण इकाइयों से आगे बढ़कर उत्पादों के परिवहन और वितरण तक पहुंचेगा। एलएनजी आधारित परिवहन को अपनाकर कंपनी लागत, परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय प्रभाव के बीच संतुलन बनाने के विकल्पों का आकलन करेगी। डीजल की तुलना में कम उत्सर्जन का दावा ग्रीनप्लाई के अनुसार, उसके एलएनजी से चलने वाले ट्रक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 40 प्रतिशत तक, एसओएक्स में 100 प्रतिशत तक, एनओएक्स में 59 प्रतिशत तक, पार्टिकुलेट मैटर में 91 प्रतिशत तक और सीओ उत्सर्जन में 70 प्रतिशत तक कमी कर सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, वाहन की संरचना, ईंधन की गुणवत्ता और परिचालन परिस्थितियों के आधार पर एलएनजी आधारित वाहन पारंपरिक डीजल परिवहन की तुलना में कम उत्सर्जन वाला विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं। इससे लंबी दूरी के माल ढुलाई परिचालन में वैकल्पिक ईंधन की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा। सस्टेनेबिलिटी को पूरी वैल्यू चेन तक ले जाने पर जोर ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज के संयुक्त प्रबंध निदेशक सानिध्य मित्तल ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी केवल विनिर्माण इकाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी वैल्यू चेन में उत्पादों और सामग्रियों की आवाजाही से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि वडोदरा संयंत्र में एलएनजी ट्रकों की शुरुआत लॉजिस्टिक्स परिचालन में अधिक जिम्मेदार मोबिलिटी समाधानों की तलाश की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे समाधानों को अपनाने के अवसर तलाशेगी, जो लागत बचत के साथ पर्यावरणीय प्रभाव तथा सप्लाई चेन की दक्षता और विश्वसनीयता के बीच संतुलन कायम कर सकें। ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस के सीईओ मधुर तनेजा ने कहा कि कंपनी ग्रीनप्लाई के साथ साझेदारी कर स्वच्छ माल परिवहन को आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स की ओर बदलाव के लिए ऐसे व्यावहारिक समाधानों की जरूरत है, जिन्हें परिचालन दक्षता से समझौता किए बिना मौजूदा सप्लाई चेन में शामिल किया जा सके। 1,000 से अधिक भारी वाहनों का संचालन ग्रीनलाइन भारत में एलएनजी और इलेक्ट्रिक से संचालित भारी वाणिज्यिक ट्रकों के जरिए कम उत्सर्जन वाले सड़क माल परिवहन को बढ़ावा दे रही है। कंपनी के मुताबिक, वह प्रमुख माल ढुलाई कॉरिडोर में 1,000 से अधिक वाहनों का संचालन करती है और स्टील, सीमेंट, खनन, एफएमसीजी तथा रसायन समेत विभिन्न उद्योगों को सेवाएं देती है। कंपनी के अनुसार, उसके बेड़े ने सामूहिक रूप से 10 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है और इससे ग्राहकों को 27,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है। ग्रीनप्लाई के लिए एलएनजी ट्रकों की शुरुआत अपने डिस्पैच नेटवर्क में वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन की व्यावहारिकता का आकलन करने का अवसर भी है। कंपनी परिचालन आवश्यकताओं और इस पहल से मिले अनुभव के आधार पर अपने लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में अधिक टिकाऊ मोबिलिटी समाधानों को शामिल करने की संभावनाओं का मूल्यांकन जारी रखेगी।

@बिना पेट्रोल और डीज़ल के चलेगी भविष्य की यह कार

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