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भारत के पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में दूसरी तिमाही में 102 प्रतिशत की जोरदार तेजी

भारत के पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में दूसरी तिमाही में 102 प्रतिशत की जोरदार तेजी

भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (ईपीवी) बाजार में 2026 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 102 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि पैसेंजर व्हीकल (पीवी) बाजार की कुल 26 प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक थी। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेज वृद्धि की वजह इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते विकल्प, वाहनों की बेहतर उपलब्धता और कुल स्वामित्व लागत का आकर्षक होना है। फर्म ने अनुमान जताया है कि 2026 के अंत तक भारत के पीवी बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 7-8 प्रतिशत हो जाएगी, जबकि कनेक्टेड वाहनों की बाजार हिस्सेदारी 40-45 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। सीएमआर के स्मार्ट मोबिलिटी प्रैक्टिस के सीनियर एनालिस्ट अमित शर्मा ने कहा, "भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार 2026 की दूसरी छमाही में स्थिर वृद्धि के लिए तैयार है। इसे त्योहारी सीजन, नए मॉडलों की मजबूत लॉन्च पाइपलाइन और एसयूवी एवं फीचर से भरपूर वाहनों की लगातार मांग से समर्थन मिलेगा।" ऑटो कंपनियों की ओर से नए मॉडल लॉन्च किए जाने से ग्राहकों के पास विकल्प बढ़े हैं। वहीं, पेट्रोल की ऊंची कीमतों ने ईवी के कम रनिंग कॉस्ट के फायदे को और बढ़ा दिया है। इन कारकों के चलते कई आईसीई (इंटरनल कम्बशन इंजन) वाहन खरीदार इलेक्ट्रिक सेगमेंट की ओर आकर्षित हुए। सीएमआर की स्मार्ट मोबिलिटी प्रैक्टिस की सीनियर एनालिस्ट शिप्रा सिन्हा ने कहा, "इलेक्ट्रिफिकेशन, सुरक्षा और डिजिटलीकरण तेजी से ऐसे फीचर्स से बदलकर मुख्यधारा की ग्रोथ के प्रमुख कारक बन रहे हैं, जो पहले सीमित स्तर पर इस्तेमाल होते थे। कनेक्टेड वाहन इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।" सिन्हा ने कहा कि एसयूवी ने 58 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ मजबूत बढ़त बनाए रखी। इसमें सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसकी प्रमुख वजह बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस, आकर्षक रोड प्रेजेंस और एसयूवी मॉडलों में एडवांस टेक्नोलॉजी तथा सुरक्षा सुविधाओं का अधिक होना रहा। कनेक्टेड पैसेंजर व्हीकल्स में सालाना आधार पर 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इनकी बाजार पहुंच 34 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गई। इसकी वजह ओटीए (ओवर-द-एयर) अपडेट, ईवी सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और रियल-टाइम सुरक्षा एवं डायग्नोस्टिक्स के लिए 4जी/5जी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार रहा। डिजिटल क्लस्टर वाले पैसेंजर व्हीकल्स में सालाना आधार पर 63 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इनकी हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत हो गई। ऑटो कंपनियों ने इस फीचर को बड़े पैमाने पर बिकने वाले मॉडल्स और ईवी में शामिल किया है। डिजिटल कॉकपिट वाले पैसेंजर व्हीकल्स में सालाना आधार पर 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई। प्रीमियम और कनेक्टेड इन-केबिन अनुभवों की बढ़ती मांग, बड़े टचस्क्रीन और इंटीग्रेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल ने इसमें योगदान दिया। रिपोर्ट के अनुसार, टचस्क्रीन डिस्प्ले वाले वाहनों में सालाना आधार पर 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) से लैस वाहनों में 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एडीएएस से लैस वाहनों में लेवल-2 सिस्टम की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही। भारत का पीवी बाजार अभी भी मुख्य रूप से किफायती कीमतों पर केंद्रित है। बाजार की कुल बिक्री में 98 प्रतिशत हिस्सेदारी 30 लाख रुपए से कम कीमत वाले वाहनों की रही।

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