बारिश में इलेक्ट्रिक स्कूटर को पानी से बचाएं नहीं तो शार्ट सर्किट से हो जाएगा कबाड़
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली । बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भरना आम बात है। बारिश के दिनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियां, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को लेकर कई लोग परेशान रहते हैं। हालांकि, ज्यादातर आधुनिक EV IP67 रेटिंग वाली वॉटरप्रूफ बैटरी और मोटर के साथ आते हैं। लेकिन, फिर भी सुरक्षा के लिए कुछ सावधानी बरतना जरूरी है। गहरे पानी में राइड अगर सड़क पर पानी का स्तर जलभराव की वजह से स्कूटर के पहियों के आधे हिस्से या फर्श से ऊपर आ गया है तो वहां गाड़ी चलाने के बचें। भले ही मोटर सीलबंद हो लेकिन ज्यादा गहरे पानी में लगातार चलाने से वायरिंग या चार्जिंग पोर्ट में नमी घुसने का खतरा रहता है। साथ ही, अगर आपका स्कूटर जलभराव वाले रास्ते से होकर गुजरा है तो घर पहुंचते है उसे चार्जिंग सॉकेट से न जोड़ें। बैटरी या चार्जिंग पोर्ट के पास मौजूद नमी से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, चार्ज करने से पहले स्कूटर को 1-2 घंट के लिए किसी सूखी और हवा वाली जगह पर सूखने के लिए छोड़ दें। खुले में न करें पार्किंग बारिश के दिनों में स्कूटर को हमेशा किसी शेड या कवर्ड पार्किंग में ही खड़ा करें। अगर आपके पास कवर्ड पार्किंग नहीं है तो एक अच्छे वॉटरप्रूफ बॉडी कवर का इस्तेमाल करें। इससे डिस्पले पैनल, हैंडलबार के स्विच और चार्जिंग पोर्ट में पानी जमा नहीं होगा। डिस्प्ले पैनल और चार्जिंग पोर्ट स्कूटर के डिजिटल डिस्प्ले, हेडलाइट और चार्जिंग फ्लैप के रबर सील की रेगुलर जांच करते रहें। अगर चार्जिंग फ्लैप ढीला है या उसकी रबर सील खराब हो गई है तो पानी सीधे पोर्ट के अंदर जा सकता है। इसे हमेशा ठीक से बंद रखें। साथ ही, गाली और पानी से भरी सड़कों पर ग्रिप कम हो जाती है और अचानक ब्रेक लगाने से पहिया फिसल सकता है। ध्यान रखें कि जलभराव वाले रास्तों पर हमेशा धीमी रफ्तार से ही स्कूटर चलाएं। रीजनरेटिव ब्रेकिंग का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें जिससे फिसलन भरी जगह पर टायर न स्लिप हों।


































