आॅटो इंडस्ट्री के लिए कैसा रहा 2016, डालिए एक नज़र ...
साल 2016 अंतिम पड़ाव पर है और नए साल का स्वागत करने में केवल 25 दिन रह गए हैं। अब जब इस साल के खत्म होने में केवल 4 सप्ताह शेष रह गए हैं, आईआॅटोइंडिया शुरू कर रहा है खबरों की ऐसी सीरीज़, जिसमें हर सोमवार को हम आपको 2016 में हुए कुछ अच्छी और बुरी घटनाओं से वाकिफ कराएंगे, जिन्होंने देश की आॅटो इंडस्ट्री को खासा प्रभावित किया है। इनमें कुछ बातें देश में हुए नए लाॅन्च के बारे में होगी और कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में जिनका प्रभाव काफी समय तक आॅटो इंडस्ट्री पर रहा है या रहने वाला है।
चूंकि आज इस सीरीज़ की शुरूआत हुई है, इसलिए हम फिलहाल करंट टाॅपिक की ही बात करेंगे। हम सभी को पता है कि आजकल करंट टाॅपिक करैंसी बैन या नोटबंदी के अलावा कुछ नहीं है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 500 और एक हजार रूपए के नोट बंद कर दिए हैं। कई सालों से ये नोट देश की अर्थव्यवस्था में चले आ रहे हैं और पिछले महीने अचानक ही यह फैसला लिया गया जिससे सब कुछ उलट-पुलट हो गया। हालांकि इसका असर सभी जगह पड़ा है लेकिन हम केवल आॅटो इंडस्ट्री के बारे में ही बात करेंगे। इस नोटबंदी का असर आॅटो इंडस्ट्री पर किस कदर पड़ा है, यह आप अगले पार्ट में पढ़ सकते हैं।
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