Hybrid Cars: कैसे काम करती हैं हाइब्रिड कारें, जानिए माइलेज से लेकर प्रदूषण कम करने तक के फायदे
पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इस समय देश में Hybird Cars का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हाइब्रिड कार एक ऐसी तकनीक पर काम करती है जो पेट्रोल/डीजल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों की पावरों को एक साथ मिलाती है। एक सामान्य कार में सिर्फ इंटरनल कंबशन इंजन होता है जबकि इलेक्ट्रिक कार सिर्फ बैटरी और मोटर पर चलती है। लेकिन हाइब्रिड कार में ये दो सिस्टम एक साथ काम करते है। स्लो स्पीड या ट्रैफिक: कार बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल करती है जिससे पेट्रोल की खपत जीरो होती है। हाई स्पीड या ओवरटेकिंग: गाड़ी का पेट्रोल इंजन चालू हो जाता है और जरूरत पड़ने पर मोटर और इंजन दोनों मिलकर ज्यादा पावर देते हैं। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग: जब आप ब्रेक लगाते हैं या गाड़ी धीमी होती है तो पहियों की ऊर्जा (Kinetic Energy) बैटरी को वापस चार्ज करती है। यानी अलग से प्लग लगाकर चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती है। हाइब्रिड कार के फायदे बेहतरीन माइलेज: इलेक्ट्रिक मोटर के सपोर्ट की वजह से यह सामान्य कारों की तुलना में 30% से 50% तक ज्यादा माइलेज देती है। कम प्रदूषण: कम फ्यूल जलने से हवा में हानिकारक गैसों का एमिशन बहुत कम होता है। चार्जिंग का झंझट नहीं: स्ट्रॉंग हाइब्रिड कारें ड्राइव करते समय खुद अपनी बैटरी चार्ज कर लेती हैं इसलिए चार्जिंग स्टेशन खोजने की चिंता नहीं रहती। स्मूथ राइडिंग अनुभव: शुरुआत में इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की वजह से कार बिना किसी आवाज या वाइब्रेशन के बहुत शांति के साथ चलती है। बता दें कि, हाइब्रिड कारें उन लोगों के लिए सबसे सही विकल्प हैं जो माइलेज और पर्यावरण की चिंता करते हैं लेकिन इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से झिझकते हैं।


































